भारत विकसित कैसे होगा इस पर हमारी सरकार और अर्थशास्त्री चाहे जो कहे
मेरे अल्प ज्ञान के अनुसार जब हमारे यहाँ फ़िर से इक्क्न्नी में सामान मिलने लगेगा भारत विकसित हो सकेगा
क्योकिं हर विकसित देश में वहाँ की मुद्रा का इक्क्न्नी चलता है
Khabren Live यह एसके डिजिटल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की एक इकाई है। हम अपने दर्शकों के लिए सबूत के साथ तार्किक और खोजी समाचार पेश करते हैं क्योंकि हम पत्रकारिता को व्यवसाय के रूप में नहीं बल्कि लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में अपनी जिम्मेदारी के रूप में लेते हैं। एक चैनल के रूप में हमारी पहली प्राथमिकता देश, देश के लोकतंत्र और देश के नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।
शनिवार, 14 मई 2016
एक्क्न्नी बनाम भारतीय अर्थव्यवस्था
बुधवार, 6 नवंबर 2013
नरेन्द्र मोदी २०१४ के चुनावी समर के अभिमन्यु
या अर्जुन
चुनाव का
समय नजदीक आते देख जिस प्रकार भाजपा को छोड़ अन्य सभी राजनितिक दल नरेन्द्र मोदी के
घेरने में लगे हुए है उसे देखते हुए महाभारत के दौरान हुए अभिमन्यु वध की कथा सहसा
जहन में कौंध जाती है| महाभारत में जैसे सभी वीर योद्धा दुर्योधन के अधर्मरूपी हठ
को पूरा करने के लिए एकमत होकर व्यूह की रचना किये और उस चक्रव्यूह में निहत्थे
अभिमन्यु को मार डाला था, कुछ उसी प्रकार का प्रयास आज भी छद्म सेकुलरिज्म के नाम
पर सारे दल मिलकर कर रहे है| इस चुनावी महाभारत में दुर्योधन के रोल में काँग्रेस
है तो कर्ण की भूमिका बाखूबी ( केवल युद्घ के द्रष्टिकोण से ) नितीश कुमार निभा
रहे है| विधवा विलाप की भूमिका दिग्विजय सिंह जैसे नेता कर रहें है|
लेकिन इस समर का परिणाम महाभारत
के व्यूह रचना के परिणाम की तरह होगा इसमें भारत की जनता को संशय है|मोदी को
अबिम्न्यु समझ सारे दल चाहे जितना प्रयास कर ले| लगता है जनता मोदी को आशीर्वाद
देकर अर्जुन ण बना दे और परिणाम फिर महाभारत की तरह मोदी के पझ में हो?
कथित
सेक्लुरिज्म के मसीहा बनने में लगे यह लोग शायद भूल गए है इतिहास कहता है कि
राजपुताना की मिट्टी में जन्मे योद्धाओं को मार कर मुगलिया सल्तनत ने लाखो माताओ
की कोख सूनी , महिलाओं को विधवा एवं बच्चो को अनाथ बना दिया था| भारत के लोग
इतिहास को क्या भूल सकेंगे|
रविवार, 16 जून 2013
मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं-जदयू भाजपा संबंध
भाजपा को लालू, रामविलास के बाद नीतीश ने भी दिखाया ठेंगा
भाजपा के लिए यह सबक है। आज तक भाजपा ने काँग्रेस के खिलाफ़ बिहार में संपूर्ण क्रांति के नायक स्व जयप्रकाश जी के जीतने भी शिष्य को मदद किया आखिर में मजबूत होने के बाद उसने भाजपा को ठेंगा ही दिखाया है। आज सेक्यूलर बनने के लिए नीतीश कुमार ने साथ छोड़ दिया । नीतीश जी के सेक्यूलर की परिभाषा सुन लगता है की महान मराठा वीर शिवाजी अगर ज़िंदा होते नीतीश जी उन्हें धरती का सबसे बड़ा सांप्रदायिक कह देते क्योंकि उन्होंने उस समय पुरे भारत पर शासन कर रहे मुगल एव आदिलशाही शासन के खिलाफ जंग कर हिंदु साम्राज्य की स्थापना का वीड़ा उठाया था।
नीतीश जी जनता से आप बस एक सवाल पुछीए की अगर रेल दुर्घटना में कारसेवकों को ज़िंदा नही जलाया जाता तो क्या गोधरा कांड होता क्या? जबाब मिलेगा नही। आप रेल मंत्री थे तो क्या कारसेवकों की हत्या के जबाबदेह आप नहीं है। अगर बिहार की जनता मुस्लिम मुख्यमंत्री की मांग करने वाले रामविलास पासवान को रिकार्ड मत से जीतने के बाद कुर्सी से वेदखल क्र सकती है तो क्या आपको नहीं। आप अगर नैतिकता की बात करते है तो झुठ बोलते है क्योकि आप मुख्यमंत्री एनडीए के नेता चुने जाने के कारण बने थे तो आपको पहले मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर अलग होना चाहिए था। जनता देख रही है सही समय पर जबाब देगी।
शनिवार, 31 मार्च 2012
1.आम- लीची के मंजर देख किसान-व्यापारी हर्षित
इस बार आम और लीची के पेड़ में लगे लगे मंजर ने बगान मालिकों एवं आम-लीची के व्यापारीय़ों के दिल को बाग बाग रहा है। सभी को आशा है कि अगर मौसम की मार से अगर फसल बच गयी तो पिछले कई वर्षों का रेकार्ड टूट सकता है।
इस बार आम और लीची के पेड़ में लगे लगे मंजर ने बगान मालिकों एवं आम-लीची के व्यापारीय़ों के दिल को बाग बाग रहा है। सभी को आशा है कि अगर मौसम की मार से अगर फसल बच गयी तो पिछले कई वर्षों का रेकार्ड टूट सकता है।
1.अब पहली कक्षा पास भी दे सकेंगे मैट्रीक की परीक्षा, सरकार ने की व्यवस्था
>इंटर के विषयों की परीक्षा दे सकेंगे किश्तवार,
>पाँच वर्षों में नौ बार तक बैठ सकते है परीक्षा में
>6-6 माह पर होगी किश्तवार की परीक्षा,
>जिले के सोलह विधालय चयनित इस सत्र से नामांकन शुरू,
>31 मार्च है नामांकन कि अंतिम तिथि,
> इग्नु की तरह का है बिहार मुक्त विधालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड
>बिहार में 568 विधालय चयनित
अगर किसी वजह से आपकी पढ़ाई में कोई व्यवधान आ रहा है या आपने किसी भी कक्षा तक की पढ़ाई कर पढ़ाई छोड दिया है या आपका बच्चा क्क्षा से पहले ही मैट्रीक की परीक्षा पास कर सकता है तो आप भी कुछ शर्तों को पुरा कर मैट्रीक की परीक्षा में शामिल हो सकते है, इतना ही नहीं अगर आप मैट्रीक पास है और इंटर पास करना चाहते है तो इंटर की पाँच विषयों की परीक्षा भी आप किश्तवार दे सकते है। इस सरकारी व्यवस्था की शुरुआत इस शिक्षण सत्र से बिहार के कुछ विधायालयों में शुरू की गयी है। इस सत्र में नामांकन की अंतिम तिथि 31 मार्च तक है।बिहार में इस प्रकार की शिक्षा मुहैया कराने के लिए 568 विधालय को चयनित किया गया है जिसमें मुजफ्फरपुर जिला के कुल 16 विधालय इस सत्र के लिये चुने गये है। इसमें सर्वाधिक 28 विधालय पटना और पूर्वी चम्पारण एवं सबसे कम 5 विधालय शिवहर से चयनित हुये है।
इंदिरा गाँधी मुक्त विश्वविधालय की तर्ज पर बिहार सरकार ने मुक्त शिक्षा सर्वत्र शिक्षा के नारे के साथ दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा प्रणाली को समुचित रुप से विकसित करने के लिए स्नातक स्तर के नीचे सर्टिफिकेट और डिप्लोमा तक का प्रमाण पत्र जीवन या नौकरी संवर्धन के उद्देश्य से बिहार मुक्त विधालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड बना कर इसकी शुरूआत की है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि आपको कब सीखना है, क्या सीखना है, कैसे सीखना है और कब परीक्षा में बैठना है का चयनकर्ता कोई और नहीं आप स्वयं होंगे। इसके साथ इसमें सीखने के लिए कोई समय, स्थान और गति का बंधन नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं पाँच वर्षो के दौरान आप नौ बार तक परीक्षा में भाग ले सकते है। इसकी सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि इस संस्थान के द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र को भारत और बिहार सरकार ने सीबीएससी, सीआईएससी के समान मान्यता दी है जिसके आधार पर इस संस्थान से उत्तीर्ण होने पर देश के किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान से शिक्षा ग्रहण किया जा सकेगा। यह संस्थान में कक्षा एक से बारहवाँ तक एवं रोजगार परक शिक्षा की भी व्यवस्था की गयी है। विषयों में चित्रकला, संगीत ,योग जैसे को भी शामिल किया गया है।
मुजफ्फरपुर जिला में औराई के राजेवर उच्च विधालय, बन्दरा के सर्वोदय उच्च विधालय, बोचहा के राजकीयकृत पी.एन उच्च विधालय, गायघाट के श्री बालभद्र उच्च विधालय क्योटसा-बरूआरी, काँटी के प्रोजेक्ट बालिका उच्च विधालय, कटरा के राजकीय रामदयालु उच्च विधालय गांगेय, कुढनी के एम आर एस उच्च विधालय मनियारी, मरवन के गाँधी तनकी उच्च विधालय भटौना, मीनापुर के राम कृष्ण उच्च विधालय, मोतीपुर के राजकीय उच्च विधालय बरूराज, मुसहरी द्व्रिका नाथ उच्च विधालय मुजफ्फरपुर, पारू के राजकीय उच्च विधालय खुतैन, साहेबगंज के महावीर उच्च विधालय बैधनाथपुर एवं सकरा के आर के एस बी उच्च विधालय को उक्त संस्थान से मान्यता मिली है और इनमें इस सत्र से नामंकन जारी है।
>इंटर के विषयों की परीक्षा दे सकेंगे किश्तवार,
>पाँच वर्षों में नौ बार तक बैठ सकते है परीक्षा में
>6-6 माह पर होगी किश्तवार की परीक्षा,
>जिले के सोलह विधालय चयनित इस सत्र से नामांकन शुरू,
>31 मार्च है नामांकन कि अंतिम तिथि,
> इग्नु की तरह का है बिहार मुक्त विधालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड
>बिहार में 568 विधालय चयनित
अगर किसी वजह से आपकी पढ़ाई में कोई व्यवधान आ रहा है या आपने किसी भी कक्षा तक की पढ़ाई कर पढ़ाई छोड दिया है या आपका बच्चा क्क्षा से पहले ही मैट्रीक की परीक्षा पास कर सकता है तो आप भी कुछ शर्तों को पुरा कर मैट्रीक की परीक्षा में शामिल हो सकते है, इतना ही नहीं अगर आप मैट्रीक पास है और इंटर पास करना चाहते है तो इंटर की पाँच विषयों की परीक्षा भी आप किश्तवार दे सकते है। इस सरकारी व्यवस्था की शुरुआत इस शिक्षण सत्र से बिहार के कुछ विधायालयों में शुरू की गयी है। इस सत्र में नामांकन की अंतिम तिथि 31 मार्च तक है।बिहार में इस प्रकार की शिक्षा मुहैया कराने के लिए 568 विधालय को चयनित किया गया है जिसमें मुजफ्फरपुर जिला के कुल 16 विधालय इस सत्र के लिये चुने गये है। इसमें सर्वाधिक 28 विधालय पटना और पूर्वी चम्पारण एवं सबसे कम 5 विधालय शिवहर से चयनित हुये है।
इंदिरा गाँधी मुक्त विश्वविधालय की तर्ज पर बिहार सरकार ने मुक्त शिक्षा सर्वत्र शिक्षा के नारे के साथ दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा प्रणाली को समुचित रुप से विकसित करने के लिए स्नातक स्तर के नीचे सर्टिफिकेट और डिप्लोमा तक का प्रमाण पत्र जीवन या नौकरी संवर्धन के उद्देश्य से बिहार मुक्त विधालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड बना कर इसकी शुरूआत की है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि आपको कब सीखना है, क्या सीखना है, कैसे सीखना है और कब परीक्षा में बैठना है का चयनकर्ता कोई और नहीं आप स्वयं होंगे। इसके साथ इसमें सीखने के लिए कोई समय, स्थान और गति का बंधन नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं पाँच वर्षो के दौरान आप नौ बार तक परीक्षा में भाग ले सकते है। इसकी सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि इस संस्थान के द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र को भारत और बिहार सरकार ने सीबीएससी, सीआईएससी के समान मान्यता दी है जिसके आधार पर इस संस्थान से उत्तीर्ण होने पर देश के किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान से शिक्षा ग्रहण किया जा सकेगा। यह संस्थान में कक्षा एक से बारहवाँ तक एवं रोजगार परक शिक्षा की भी व्यवस्था की गयी है। विषयों में चित्रकला, संगीत ,योग जैसे को भी शामिल किया गया है।
मुजफ्फरपुर जिला में औराई के राजेवर उच्च विधालय, बन्दरा के सर्वोदय उच्च विधालय, बोचहा के राजकीयकृत पी.एन उच्च विधालय, गायघाट के श्री बालभद्र उच्च विधालय क्योटसा-बरूआरी, काँटी के प्रोजेक्ट बालिका उच्च विधालय, कटरा के राजकीय रामदयालु उच्च विधालय गांगेय, कुढनी के एम आर एस उच्च विधालय मनियारी, मरवन के गाँधी तनकी उच्च विधालय भटौना, मीनापुर के राम कृष्ण उच्च विधालय, मोतीपुर के राजकीय उच्च विधालय बरूराज, मुसहरी द्व्रिका नाथ उच्च विधालय मुजफ्फरपुर, पारू के राजकीय उच्च विधालय खुतैन, साहेबगंज के महावीर उच्च विधालय बैधनाथपुर एवं सकरा के आर के एस बी उच्च विधालय को उक्त संस्थान से मान्यता मिली है और इनमें इस सत्र से नामंकन जारी है।
सोमवार, 27 फ़रवरी 2012
नाग मानव सा विचित्र बच्चा पैदा हुआ और मर गया
सम्राट कुमार
कांटी नगर पंचायत के वार्ड संख्या 3 में सोमवार को एक नाग मानव सा विचित्र बच्चा पैदा हुआ। बच्चों के लोकप्रिय नायक नागराज के दोहरे नक्श की तरह का यह बच्चा लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना गया है। इस घटना की खबर जंगल की आग की भाँति फैल गयी और सैकड़ों की संख्या में लोग उसे देखने के लिए उमड़ आये। किंतु वह विचित्र बच्चा जन्म के मात्र बीस मिनट के अन्दर मर गया।
घटना घुमंतू की तरह जीवन यापन करने वाले धाम जाति के कांटी नगर पंचायत स्थित वार्ड संख्या 3 के फुलमत स्थान के निकट अस्थाई कैम्प की है। इस कैम्प में रह रहे बाडा महतो की पत्नी हीला देवी ने सोमवार सुबह 7 बजे एक बच्चे को जन्म दिया। दाई के द्वारा कैम्प में ही प्रसव कराया गया था। किंतु बच्चे को देख कर प्रसव कराने आई दाई घबरा गई । नवजात शिशु का सर से कमर तक का भाग बिल्कुल मानव की तरह था किंतु कमर से नीचे के भाग में जाँघ, पैर की जगह साँप के पुछँ की तरह एक मोटा पुछँनुमा माँस का सक्रिय भाग था। इसकी जानकारी होते ही सैकड़ों की संख्या में लोग बच्चे को देखने के लिए उमड़ पड़े । कोइ मोबाइल से तो कोइ अन्य साधन से बच्चे की फोटो खीचनें लगे। जितने लोग उतनी ही तरह की बात होने लगी। इसी दौरान करीब बीस मिनट के बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया। जिसे उसके परिजनों ने बाद में दफना दिया । किंतु इसकी चर्चा जारी है।
क्यों पैदा होते है विचित्र बच्चे
इस विचित्र बच्चे के बाबत काँटी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र के प्रभारी चिकित्सक डा. यु.पी.चौधरी ने बताया कि ऐसा बच्चा जेनेटिक हार्मोनल के अनबैलेंस होने के कारण होता है। इसे विचित्रता नहीं अपितु शारीरिक अपंगता कहना ज्यादा उचित होगा। ऐसा बच्चा सोसीयीयो इकोनोमिक यानी बच्चे के गर्भ में रहने के दौरान जच्चा-बच्चा के समुचित एवं पर्याप्त पोषण नहीं होने के कारण होता है।जिसके फलस्वरुप बच्चे के शरीर का विकाश नही हो पाता है और अपंगता बच्चे के जन्म के समय विचित्रता लोगों के लिए बन जाती है।
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