शुक्रवार, 13 मार्च 2020

ये कैसी राजनीति, जंहा वोट के अलावे कुछ भी समझ काम नहीं आती

भारत में आज-कल सब कुछ दो भागों में बंटा,एक के लिए देश से बड़ा कुछ नहीं दुसरे के लिए सत्ता से बड़ा कुछ नहीं 

 सम्राट कुमार 
आज-कल सड़क से संसद तक,सरकारी कार्यालयों से न्यायपालिका तक,जनता से लेकर नेता तक और यंहा तक की मिडिया हॉउस तक दो विचारधाराओं में बंटे-बंटे साफ़ दिख रहे है| गर एक शब्दों में कहे तो प्रजातंत्र के चारों स्तंभ दो विपरीत विचार धारा में विभक्त हो गए प्रतीत होते है|

इनमें एक विचारधारा है "राष्ट्रवाद"की तो दूसरी "स्वार्थवाद" की| अब भले ही एक पझ राष्ट्रवाद को साम्प्रदायिक कहे या हिटलरशाही लेकिन सत्य तो यही है की जनमत आज राष्ट्रवाद के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है|

शुरुआत सबसे प्रखर स्तंभ अर्थात मिडिया से करते है| आज केंद्र की मोदी सरकार के हर कार्य को लेकर मिडिया विभक्त है| एक ओर ऐसे पत्रकार है जो सरकार के कार्यो का समर्थन या विरोध उसके गुण-दोष के आधार पर करती है तो दूसरी ओर ऐसे पत्रकार है जिनका मूल उद्देश्य ही सरकार के हर कार्य का विरोध करना बन गया हो ठीक विपझ के नेताओं की तरह|
अब इसे हालिया दिल्ली दंगा प्रकरण से हमें इसे समझने में आसानी होगी| आपने देखा होगा कुछ मिडिया में दंगो में हुयी मौत,संपति हानि,एवं दो सरकारी रझा कर्मी की मौत को अपनी खबर का केंद्र बिंदु बनाया| जबकि कुछ इसे एक धर्म विशेष के कथित मानवधिकार, उत्पीडन,और सरकार की नाकामी बता उनके रझा कवच स्वयं को बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी |

जारी.............

शुक्रवार, 22 मार्च 2019

क्या मोदी विरोध के नाम पर फ़ौज और देश के साथ खिलवाड़ और उनका अपमान होना चाहिए

.शांति और अहिंसा देश से भी बड़ा मुद्दा है!

.विपझी वोट के लिए देश के दुश्मनों को फायदा दिलाने का कार्य नहीं कर रही ?

गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

                                           जानकारी 

 प्रिय सुधि पाठक,
              नमस्कार 
 आज मैं आप लोंगो के लिए बिहार पुलिस से सम्बंधित एक जानकारी लेकर आया हूँ 
बिहार में आमजन को प्राथमिकी दर्ज करवाने में हो रही असुविधा को लेकर महानिरिझाक पुलिस द्वारा एक सुविधा केंद्र खोला गया है जन्हा आप फोन द्वारा अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है जिसका नंबर है 18603456999 
इसपर दर्ज शिकायत का एक टोकन नंबर आपके मोबाईल पर sms से प्राप्त होगा जिस टोकन नंबर द्वारा आपके शिकायत पर क्या कारवाई हो रही है की जानकारी ली जा सकती है 
इसके द्वारा fir दर्ज करवाया जा सकता है 


                                                                     धन्यवाद 
                                                          इसी प्रकार की नवीनतम जानकारी के लिए ब्लॉग देखते रहे और सबस्क्राइब करे 

शनिवार, 14 मई 2016

एक्क्न्नी बनाम भारतीय अर्थव्यवस्था

भारत विकसित कैसे होगा इस पर हमारी सरकार और अर्थशास्त्री चाहे जो कहे
मेरे अल्प ज्ञान के अनुसार जब हमारे यहाँ फ़िर से इक्क्न्नी में सामान मिलने लगेगा भारत विकसित हो सकेगा
क्योकिं हर विकसित देश में वहाँ की मुद्रा का इक्क्न्नी चलता है

बुधवार, 6 नवंबर 2013



नरेन्द्र मोदी २०१४ के चुनावी समर के अभिमन्यु या अर्जुन
चुनाव का समय नजदीक आते देख जिस प्रकार भाजपा को छोड़ अन्य सभी राजनितिक दल नरेन्द्र मोदी के घेरने में लगे हुए है उसे देखते हुए महाभारत के दौरान हुए अभिमन्यु वध की कथा सहसा जहन में कौंध जाती है| महाभारत में जैसे सभी वीर योद्धा दुर्योधन के अधर्मरूपी हठ को पूरा करने के लिए एकमत होकर व्यूह की रचना किये और उस चक्रव्यूह में निहत्थे अभिमन्यु को मार डाला था, कुछ उसी प्रकार का प्रयास आज भी छद्म सेकुलरिज्म के नाम पर सारे दल मिलकर कर रहे है| इस चुनावी महाभारत में दुर्योधन के रोल में काँग्रेस है तो कर्ण की भूमिका बाखूबी ( केवल युद्घ के द्रष्टिकोण से ) नितीश कुमार निभा रहे है| विधवा विलाप की भूमिका दिग्विजय सिंह जैसे नेता कर रहें है|                    
                                                                लेकिन इस समर का परिणाम महाभारत के व्यूह रचना के परिणाम की तरह होगा इसमें भारत की जनता को संशय है|मोदी को अबिम्न्यु समझ सारे दल चाहे जितना प्रयास कर ले| लगता है जनता मोदी को आशीर्वाद देकर अर्जुन ण बना दे और परिणाम फिर महाभारत की तरह मोदी के पझ में हो?
                                    कथित सेक्लुरिज्म के मसीहा बनने में लगे यह लोग शायद भूल गए है इतिहास कहता है कि राजपुताना की मिट्टी में जन्मे योद्धाओं को मार कर मुगलिया सल्तनत ने लाखो माताओ की कोख सूनी , महिलाओं को विधवा एवं बच्चो को अनाथ बना दिया था| भारत के लोग इतिहास को क्या भूल सकेंगे|